Friday, 21 June 2013


वैदिक और दुसरे पद्धति में होने वाले विवाह में जो पश्चिम की नक़ल है वो है ब्रास बंड बजाके बारात लेके जाना | ये पूरी की पूरी अंग्रेजो की नक़ल है | यूरोप में ये परंपरा है खास कर इंग्लॅण्ड में आयरलैंड में स्कॉट्लैंड में के ये ब्रास और बंड तब बजाया जाता है जब दुसमन पर हमला करनेके लिए जाया जाता है और सेना के आगे आगे चल के जाते है ताकि आर्मी में जोश भरे उत्साह भरे और दुसमन पर जाके टूट पड़े हमला करे | इहाँ मुर्ख भारतबासी शादियों में बारात में वो ब्रास बंड लेके जाते है पता नही किसपे हमला करने जा रहे है |

अंग्रेजो की आर्मी जब भारत में आयी उनके ब्रास बंड भी साथ में आयी और उनको भारतके राजाओ पर हमला करना होता था तब उनका ब्रास बंड बजता रहता था बाद में जब अंग्रेज गए वो ब्रास बंड को येही छोड गए और हमने उसको बजाना सुरु कर दिया शादी और बारातो में |

भारत में हर शुभ काम में शेहनाई बजती है तोह सहनाई बजाइए बांसुरी बजाइए पर बेसुरा ब्रास बंड बजाना बंध करिए सादियों में 


Wednesday, 19 June 2013

सफेद रंग का चमकीला-सा दिखने वाला मोनोसोडियम ग्लूटामेट यानी अजीनोमोटो, एक सोडियम साल्ट हैं। अगर आप चाइनीज़ डिश के दीवाने हैं, तो यह आपको उसमें जरूर मिल जाएगा। क्योंकि यह एक मसाले के रूप में उनमें इस्तमाल किया जाता है। शायद ही आपको पता हो कि यह खाने का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला वास्तव में यह धीमा जहर खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता। बल्कि हमारी स्वाद ग्रन्थियों के कार्य को दबा देता हैं। जिससे हमें खाने के बुरे स्वाद का पता नहीं लगता। मूलतः इस का प्रयोग खाद्य की घटिया गुणवत्ता को छिपाने के लिए किया जाता हैं। यह सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक होता हैं।

जान लें कि कैसे:-

* सिर दर्द, पसीना आना और चक्कर आने जैसी खतरनाक बीमारी आपको अजीनोमोटो से हो सकती हैं। अगर आप इसके आदि हो चुके हैं और खाने में इसको बहुत प्रयोग करते हैं। तो यह आपके दिमाग को भी नुकसान कर सकता हैं।
* इसको खाने से शरीर में पानी की कमी हो सकती हैं। चेहरे की सूजन और त्वचा में खिंचाव महसूस होना। इसके कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
* इसका ज्यादा प्रयोग से धीरे-धीरे सीने में दर्द, साँस लेने में दिक्कत और आलस भी पैदा कर सकता हैं। इससे सर्दी-जुखाम और थकान भी महसूस होती हैं। इसमें पाये जाने वाले एसिड सामग्रियों की वजह से यह पेट और गले में जलन भी पैदा कर सकता हैं।
* पेट के निचले भाग में दर्द, उल्टी आना और डायरिया इसके आम दुष्प्रभावों में से एक हैं।
* अजीनोमोटो आपके पैरों की मासपेशियों और घुटनों में दर्द पैदा कर सकता हैं। यह हड्डियों को कमज़ोर और शरीर द्वारा जितना भी कैल्शिम लिया गया हो, उसे कम कर देता हैं।
* उच्च रक्तचाप की समस्या से घिरे लोगों को यह बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इससे अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ और घट जाता हैं।
* व्यक्तियों को इससे माइग्रेन होने की समस्या भी हो सकती हैं। आपके सिर में दर्द पैदा हो रहा हैं, तो उसे तुरंत ही खाना बंद कर दें।
* अजीनोमोटो की उत्पादन प्रक्रिया भी विवादास्पद हैं: कहा जाता हैं कि इसका उत्पादन जानवरों के शरीर से प्राप्त सामग्री से भी किया जा सकता हैं।
*अजीनोमोटो बच्चों के लिए बहुत हानिकारक हैं। इसके कारण स्कूल जाने वाले ज्यादातर बच्चे सिरदर्द के शिकार हो रहे हैं। भोजन में एमएसजी का इस्तेमाल या प्रतिदिन एमएसजी युक्त जंकफूड और प्रोसेस्ड फूड का असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता हैं। कई शोधों में यह बात साबित हो चुकी हैं कि एमएसजी युक्त डाइट बच्चों में मोटापे की समस्या का एक कारण हैं। इसके अलावा यह बच्चों को भोजन के प्रति अंतिसंवेदनशील बना सकता हैं। मसलन, एमएसजी युक्त भोजन अधिक खाने के बाद हो सकता हैं कि बच्चे को किसी दूसरी डाइट से एलर्जी हो जाए। इसके अलावा, यह बच्चों के व्यवहार से सम्बंधित समस्याओं का भी एक कारण हैं। छिपा हो सकता हैं अजीनोमोटो अब पूरी दुनिया में मैगी नूडल बच्चे-बड़े सभी चाव से खाते हैं, इस मैगी में जो राज की बात हैं, वो हैं Hydrolyzed groundnut protein और स्वाद वर्धक 635 Disodium ribonucleotides यह कम्पनी यह दावा करती हैं कि इसमें अजीनोमोटो यानि MSG नहीं डाला गया हैं। जबकि Hydrolyzed groundnut protein पकने के बाद अजीनोमोटो यानि MSG में बदल जाता हैं और Disodium ribonucleotides इसमें मदद करता हैं।





अजीनोमोटो:: �

सफेद रंग का चमकीला-सा दिखने वाला मोनोसोडियम ग्लूटामेट यानी अजीनोमोटो, एक सोडियम साल्ट हैं। अगर आप चाइनीज़ डिश के दीवाने हैं, तो यह आपको उसमें जरूर मिल जाएगा। क्योंकि यह एक मसाले के रूप में उनमें इस्तमाल किया जाता है। शायद ही आपको पता हो कि यह खाने का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला वास्तव में यह धीमा जहर खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता। बल्कि हमारी स्वाद ग्रन्थियों के कार्य को दबा देता हैं। जिससे हमें खाने के बुरे स्वाद का पता नहीं लगता। मूलतः इस का प्रयोग खाद्य की घटिया गुणवत्ता को छिपाने के लिए किया जाता हैं। यह सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक होता हैं।

जान लें कि कैसे:-

* सिर दर्द, पसीना आना और चक्कर आने जैसी खतरनाक बीमारी आपको अजीनोमोटो से हो सकती हैं। अगर आप इसके आदि हो चुके हैं और खाने में इसको बहुत प्रयोग करते हैं। तो यह आपके दिमाग को भी नुकसान कर सकता हैं।
* इसको खाने से शरीर में पानी की कमी हो सकती हैं। चेहरे की सूजन और त्वचा में खिंचाव महसूस होना। इसके कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
* इसका ज्यादा प्रयोग से धीरे-धीरे सीने में दर्द, साँस लेने में दिक्कत और आलस भी पैदा कर सकता हैं। इससे सर्दी-जुखाम और थकान भी महसूस होती हैं। इसमें पाये जाने वाले एसिड सामग्रियों की वजह से यह पेट और गले में जलन भी पैदा कर सकता हैं।
* पेट के निचले भाग में दर्द, उल्टी आना और डायरिया इसके आम दुष्प्रभावों में से एक हैं।
* अजीनोमोटो आपके पैरों की मासपेशियों और घुटनों में दर्द पैदा कर सकता हैं। यह हड्डियों को कमज़ोर और शरीर द्वारा जितना भी कैल्शिम लिया गया हो, उसे कम कर देता हैं।
* उच्च रक्तचाप की समस्या से घिरे लोगों को यह बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इससे अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ और घट जाता हैं।
* व्यक्तियों को इससे माइग्रेन होने की समस्या भी हो सकती हैं। आपके सिर में दर्द पैदा हो रहा हैं, तो उसे तुरंत ही खाना बंद कर दें।
* अजीनोमोटो की उत्पादन प्रक्रिया भी विवादास्पद हैं: कहा जाता हैं कि इसका उत्पादन जानवरों के शरीर से प्राप्त सामग्री से भी किया जा सकता हैं।
*अजीनोमोटो बच्चों के लिए बहुत हानिकारक हैं। इसके कारण स्कूल जाने वाले ज्यादातर बच्चे सिरदर्द के शिकार हो रहे हैं। भोजन में एमएसजी का इस्तेमाल या प्रतिदिन एमएसजी युक्त जंकफूड और प्रोसेस्ड फूड का असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता हैं। कई शोधों में यह बात साबित हो चुकी हैं कि एमएसजी युक्त डाइट बच्चों में मोटापे की समस्या का एक कारण हैं। इसके अलावा यह बच्चों को भोजन के प्रति अंतिसंवेदनशील बना सकता हैं। मसलन, एमएसजी युक्त भोजन अधिक खाने के बाद हो सकता हैं कि बच्चे को किसी दूसरी डाइट से एलर्जी हो जाए। इसके अलावा, यह बच्चों के व्यवहार से सम्बंधित समस्याओं का भी एक कारण हैं। छिपा हो सकता हैं अजीनोमोटो अब पूरी दुनिया में मैगी नूडल बच्चे-बड़े सभी चाव से खाते हैं, इस मैगी में जो राज की बात हैं, वो हैं Hydrolyzed groundnut protein और स्वाद वर्धक 635 Disodium ribonucleotides यह कम्पनी यह दावा करती हैं कि इसमें अजीनोमोटो यानि MSG नहीं डाला गया हैं। जबकि Hydrolyzed groundnut protein पकने के बाद अजीनोमोटो यानि MSG में बदल जाता हैं और Disodium ribonucleotides इसमें मदद करता हैं।

साभार : आकाश गोयल

Tuesday, 18 June 2013

1710 से 1838 तक के भारत में तब मराठाओ ने हिन्दवी सम्राज्य की स्थापना की थी, तब भारत में कोई गरीब, दलित, निरीह, निरक्षर नहीं था, गौहत्या पर प्रतिबंध था, पूरी तरह से भारत में सुख व् सम्पन्नता थी, यहाँ तक की सभी समस्याओं की जड़ मुसलमान भी लगभग समाप्त हो चुके थे,
ऐसे में मुसलमानों को दारुल इस्लाम का सपने फिर से बुनने के लिए अंग्रेजो का आगमन हुआ,
यदि अंग्रेज न आते तो आज भारत 21वी सदी का सबसे वैभवशाली देश और इस्लाम मुक्त देश होता,
पर अंग्रेजो ने हिन्दुओ और सनातन संस्कृति को समाप्त करने और ईसाईयों की हत्या लुट बलात्कार की नीति को सफल बनाने के लिए मुसलमानो की सहायता की और उन्हें हर सुविधाए दी, इन्ही मुसलमानों के बीच मराठाओ की शक्ति को कम करने के लिए 1858 में एक जिहादी सलालुद्दीन उर्फ़ चाँद मियां को साईं नाम से मराठवाडा के शिर्डी में बिठाया गया,
अंग्रेजो ने इस साईं को हर प्रकार की सुविधा दी, शुरू में अंग्रेजो के इलाको में लूटपाट करने वाला बदरुद्दीन का बेटा चाँद मिया उर्फ़ सलालुद्दीन अब साईं के नाम से अंग्रेजो का पिट्ठू बन कर मराठो को सेकुलर बना कर इस्लामिक राज्य बनाने के सपने देख रहा था,
300 साल तक मुगलों का सफलता पूर्वक सामना करने के पश्चात मराठा शक्ति ने भारत से मुसलमानों को एक प्रकार से समाप्त कर ही दिया था, केवल कुछ भागो में मुसलमान उत्पात कर रहे थे,
बचे खुचे 3-5% मुसलमान किसी तरह से मुगलकालीन समय के पुन: आगमन की प्रतीक्षा में थे,
परन्तु अंग्रेजो के कारण समाप्त होती यवन संस्कृति बच गयी और भारत पुन: विदेशी मुसलमानों के चंगुल में फंस गया, अंग्रेजो के आने के बाद बड़े पैमाने पर दंगे और हिंसा हुई, लाखो हिन्दुओ को जबरन मुस्लमान बनाया गया, धोखे से उन्हें इस्लामी में धर्मान्तरित किया गया, जिसके कारण केवल 30 साल में मुसलमानों की जनसख्या 3% से 20% हो गयी, और इन्ही 20% विदेशी यवनी मुसलमानों को देश की 33% भूमि भीख में दे दी गयी,
फिर भी गाँधी नेहरु की कृपा से देश में 4% मुसलमान फिर से बच गये थे, 1992 में बाबरी के बाद एकजुट हुए मुसलमानों ने पूरी रणनीति के अंतर्गत केवल 20 साल में 7% से 20% जनसँख्या के द्वारा भारत के अधिकतर भागो में कई सारे पाकिस्तान खड़े कर दिए, आज कई सारे जिन्ना, कई सारे आला इकबाल, बहुत से रहमत अली खड़े है,
आज हजारो जिन्ना के इशारों पर हिन्दुओ को काटने वाला लाखो मुस्लिम होमगार्ड के सैनिक दस्ते बन चुके है, एक मुस्लिम लीग जैसी हजारो मुस्लिम संस्थाए खड़ी हो चुकी है,
आज वही मराठा और हिन्दूओ की संताने साईं नाम के जिहादी को पूज रही है,
आज साईं नाम का ये जिहादी सभी मंदिरों हिन्दुओ के घरो में घुस चूका है,
1998 के बाद शुरू किया गया भक्ति जिहाद अब साईं के माध्यम से हर हिन्दू के दिल और घर में बैठ गया है,
क्या मिला उस विभाजन से हमे, और क्या मिलेगा साईं की भक्ति से हमे,
पुन: एक और विभाजन पर खड़े है हम
और मुसलमानों के साथ है आज के सेकुलर और साईं भक्त,




1710 से 1838 तक के भारत में तब मराठाओ ने हिन्दवी सम्राज्य की स्थापना की थी, तब भारत में कोई गरीब, दलित, निरीह, निरक्षर नहीं था, गौहत्या पर प्रतिबंध था, पूरी तरह से भारत में सुख व् सम्पन्नता थी, यहाँ तक की सभी समस्याओं की जड़ मुसलमान भी लगभग समाप्त हो चुके थे,
ऐसे में मुसलमानों को दारुल इस्लाम का सपने फिर से बुनने के लिए अंग्रेजो का आगमन हुआ, 
यदि अंग्रेज न आते तो आज भारत 21वी सदी का सबसे वैभवशाली देश और इस्लाम मुक्त देश होता,
पर अंग्रेजो ने हिन्दुओ और सनातन संस्कृति को समाप्त करने और ईसाईयों की हत्या लुट बलात्कार की नीति को सफल बनाने के लिए मुसलमानो की सहायता की और उन्हें हर सुविधाए दी, इन्ही मुसलमानों के बीच मराठाओ की शक्ति को कम करने के लिए 1858 में एक जिहादी सलालुद्दीन उर्फ़ चाँद मियां को साईं नाम से मराठवाडा के शिर्डी में बिठाया गया,
अंग्रेजो ने इस साईं को हर प्रकार की सुविधा दी, शुरू में अंग्रेजो के इलाको में लूटपाट करने वाला बदरुद्दीन का बेटा चाँद मिया उर्फ़ सलालुद्दीन अब साईं के नाम से अंग्रेजो का पिट्ठू बन कर मराठो को सेकुलर बना कर इस्लामिक राज्य बनाने के सपने देख रहा था,
300 साल तक मुगलों का सफलता पूर्वक सामना करने के पश्चात मराठा शक्ति ने भारत से मुसलमानों को एक प्रकार से समाप्त कर ही दिया था, केवल कुछ भागो में मुसलमान उत्पात कर रहे थे,
बचे खुचे 3-5% मुसलमान किसी तरह से मुगलकालीन समय के पुन: आगमन की प्रतीक्षा में थे,
परन्तु अंग्रेजो के कारण समाप्त होती यवन संस्कृति बच गयी और भारत पुन: विदेशी मुसलमानों के चंगुल में फंस गया, अंग्रेजो के आने के बाद बड़े पैमाने पर दंगे और हिंसा हुई, लाखो हिन्दुओ को जबरन मुस्लमान बनाया गया, धोखे से उन्हें इस्लामी में धर्मान्तरित किया गया, जिसके कारण केवल 30 साल में मुसलमानों की जनसख्या 3% से 20% हो गयी, और इन्ही 20% विदेशी यवनी मुसलमानों को देश की 33% भूमि भीख में दे दी गयी,
फिर भी गाँधी नेहरु की कृपा से देश में 4% मुसलमान फिर से बच गये थे, 1992 में बाबरी के बाद एकजुट हुए मुसलमानों ने पूरी रणनीति के अंतर्गत केवल 20 साल में 7% से 20% जनसँख्या के द्वारा भारत के अधिकतर भागो में कई सारे पाकिस्तान खड़े कर दिए, आज कई सारे जिन्ना, कई सारे आला इकबाल, बहुत से रहमत अली खड़े है,
आज हजारो जिन्ना के इशारों पर हिन्दुओ को काटने वाला लाखो मुस्लिम होमगार्ड के सैनिक दस्ते बन चुके है, एक मुस्लिम लीग जैसी हजारो मुस्लिम संस्थाए खड़ी हो चुकी है,
आज वही मराठा और हिन्दूओ की संताने साईं नाम के जिहादी को पूज रही है,
आज साईं नाम का ये जिहादी सभी मंदिरों हिन्दुओ के घरो में घुस चूका है,
1998 के बाद शुरू किया गया भक्ति जिहाद अब साईं के माध्यम से हर हिन्दू के दिल और घर में बैठ गया है,
क्या मिला उस विभाजन से हमे, और क्या मिलेगा साईं की भक्ति से हमे,
पुन: एक और विभाजन पर खड़े है हम
और मुसलमानों के साथ है आज के सेकुलर और साईं भक्त,
@[241898949289211:274:Shirdi Sai baba - भारत के इतिहास का सबसे बड़ा पाखंड]
एडमिन - Saffron Hindurashtra

Monday, 17 June 2013

सुबह के समय दूध कभी ना पीये+ जर्सी गाय के दूध कभी भी ना पीये

बोर्नविटा , होर्लिक्स के विज्ञापनों के चलते माताओं के मन में यह बैठ जाता है की बच्चों को ये सब डाल के दो कप दूध पिला दिया बस हो गया . चाहे बच्चे दूध पसंद करे ना करे , उलटी करे , वे किसी तरह ये पिला के ही दम लेती है . फिर भी बच्चों में केशियम की कमी , लम्बाई ना बढना , इत्यादि समस्याएँ देखने में आती है .आयुर्वेद के अनुसार दूध पिने के कुछ नियम है ---
- दोपहर में छाछ पीना चाहिए . दही की प्रकृति गर्म होती है ; जबकि छाछ की ठंडी .
- रात में दूध पीना चाहिए पर बिना शकर के ; हो सके तो गाय का घी १- २ चम्मच दाल के ले . दूध की अपनी प्राकृतिक मिठास होती है वो हम शकर डाल देने के कारण अनुभव ही नहीं कर पाते .
- एक बार बच्चें अन्य भोजन लेना शुरू कर दे जैसे रोटी , चावल , सब्जियां तब उन्हें गेंहूँ , चावल और सब्जियों में मौजूद केल्शियम प्राप्त होने लगता है . अब वे केल्शियम के लिए सिर्फ दूध पर निर्भर नहीं .
- बोर्नविटा , कॉम्प्लान या होर्लिक्स किसी भी प्राकृतिक आहार से अच्छे नहीं हो सकते . इनके लुभावने विज्ञापनों का कभी भरोसा मत करिए . बच्चों को खूब चने , दाने , सत्तू , मिक्स्ड आटे के लड्डू खिलाइए
- प्रयत्न करे की देशी गाय का दूध ले .
- जर्सी या दोगली गाय से भैंस का दूध बेहतर है .
- दही अगर खट्टा हो गया हो तो भी दूध और दही ना मिलाये , खीर और कढ़ी एक साथ ना खाए . खीर के साथ नामकी पदार्थ ना खाए .
- अधजमे दही का सेवन ना करे .
- चावल में दूध के साथ नमक ना डाले .
- सूप में ,आटा भिगोने के लिए , दूध इस्तेमाल ना करे .
- द्विदल यानी की दालों के साथ दही का सेवन विरुद्ध आहार माना जाता है . अगर करना ही पड़े तो दही को हिंग जीरा की बघार दे कर उसकी प्रकृति बदल लें .
- रात में दही या छाछ का सेवन ना करे .



Sunday, 16 June 2013

गला और छाती की बीमारी का इलाज :
गले में किनती भी ख़राब से ख़राब बीमारी हो, कोई भी इन्फेक्शन हो, इसकी सबसे अछि दावा है हल्दी । जैसे गले में दर्द है, खरास है , गले में खासी है, गले में कफ जमा है, गले में टोनसीलाईटिस हो गया ; ये सब बिमारिओं में आधा चम्मच कच्ची हल्दी का रस लेना और मुह खोल कर गले में डाल देना , और फिर थोड़ी देर चुप होके बैठ जाना तो ये हल्दी गले में निचे उतर जाएगी लार के साथ ; और एक खुराक में ही सब बीमारी ठीक होगी दुबारा डालने की जरुरत नही । ये छोटे बछो को तो जरुर करना ; बछो के टोन्सिल जब बहुत तकलीफ देते है न तो हम ऑपरेशन करवाके उनको कटवाते है ; वो करने की जरुरत नही है हल्दी से सब ठीक होता है ।

गले और छाती से जुडी हुई कुछ बीमारिया है जैसे खासी ; इसका एक इलाज तो कच्ची हल्दी का रस है जो गले में डालने से तुतंत ठीक हो जाती है चाहे कितनी भी जोर की खासी हो । दूसरी दावा है अदरक , ये जो अदरक है इसका छोटा सा टुकड़ा मुह में रखलो और टफी की तरह चुसो खासी तुतंत बंध हो जाएगी । अगर किसीको खासते खासते चेहरा लाल पड़ गया हो तो अदरक का रस ले लो और उसमे थोड़ा पान का रस मिला लो दोनों एक एक चम्मच और उसमे मिलाना थोड़ा सा गुड या सेहद । अब इसको थोडा गरम करके पी लेना तो जिसको खासते खासते चेहरा लाल पड़ा है उसकी खासी एक मिनट में बंध हो जाएगी । और एक अछि दावा है , अनार का रस गरम करके पियो तो खासी तुरन्त ठीक होती है । काली मिर्च है गोल मिर्च इसको मुह में रख के चबालो , पीछे से गरम पानी पी लो तो खासी बंध हो जाएगी, काली मिर्च को चुसो तो भी खासी बंध हो जाती है ।

छाती की कुछ बिमारिया जैसे दमा, अस्थमा, ब्रोंकिओल अस्थमा, इन तीनो बीमारी का सबसे अच्छा दवा है गाय मूत्र ; आधा कप गोमूत्र पियो सबेरे का ताजा ताजा तो दमा ठीक होता है, अस्थमा ठीक होता है, ब्रोंकिओल अस्थमा ठीक होता है । और गोमूत्र पिने से टीबी भी ठीक हो जाता है , लगातार पांच छे महीने पीना पड़ता है । दमा अस्थमा का और एक अछि दावा है दालचीनी, इसका पाउडर रोज सुबह आधे चम्मच खाली पेट गुड या सेहद मिलाके गरम पानी के साथ लेने से दमा अस्थमा ठीक कर देती है । 


पूरी पोस्ट नहीं पड़ सकते तो निचे दिए गए लिंक में जेक विडियो देखे:
http://www.youtube.com/watch?v=UvDYL7xqFGk

गला और छाती की बीमारी का इलाज :
गले में किनती भी ख़राब से ख़राब बीमारी हो, कोई भी इन्फेक्शन हो, इसकी सबसे अछि दावा है हल्दी । जैसे गले में दर्द है, खरास है , गले में खासी है, गले में कफ जमा है, गले में टोनसीलाईटिस हो गया ; ये सब बिमारिओं में आधा चम्मच कच्ची हल्दी का रस लेना और मुह खोल कर गले में डाल देना , और फिर थोड़ी देर चुप होके बैठ जाना तो ये हल्दी गले में निचे उतर जाएगी लार के साथ ; और एक खुराक में ही सब बीमारी ठीक होगी दुबारा डालने की जरुरत नही । ये छोटे बछो को तो जरुर करना ; बछो के टोन्सिल जब बहुत तकलीफ देते है न तो हम ऑपरेशन करवाके उनको कटवाते है ; वो करने की जरुरत नही है हल्दी से सब ठीक होता है ।

गले और छाती से जुडी हुई कुछ बीमारिया है जैसे खासी ; इसका एक इलाज तो कच्ची हल्दी का रस है जो गले में डालने से तुतंत ठीक हो जाती है चाहे कितनी भी जोर की खासी हो । दूसरी दावा है अदरक , ये जो अदरक है इसका छोटा सा टुकड़ा मुह में रखलो और टफी की तरह चुसो खासी तुतंत बंध हो जाएगी । अगर किसीको खासते खासते चेहरा लाल पड़ गया हो तो अदरक का रस ले लो और उसमे थोड़ा पान का रस मिला लो दोनों एक एक चम्मच और उसमे मिलाना थोड़ा सा गुड या सेहद । अब इसको थोडा गरम करके पी लेना तो जिसको खासते खासते चेहरा लाल पड़ा है उसकी खासी एक मिनट में बंध हो जाएगी । और एक अछि दावा है , अनार का रस गरम करके पियो तो खासी तुरन्त ठीक होती है । काली मिर्च है गोल मिर्च इसको मुह में रख के चबालो , पीछे से गरम पानी पी लो तो खासी बंध हो जाएगी, काली मिर्च को चुसो तो भी खासी बंध हो जाती है । 

छाती की कुछ बिमारिया जैसे दमा, अस्थमा, ब्रोंकिओल अस्थमा, इन तीनो बीमारी का सबसे अच्छा दवा है गाय मूत्र ; आधा कप गोमूत्र पियो सबेरे का ताजा ताजा तो दमा ठीक होता है, अस्थमा ठीक होता है, ब्रोंकिओल अस्थमा ठीक होता है । और गोमूत्र पिने से टीबी भी ठीक हो जाता है , लगातार पांच छे महीने पीना पड़ता है । दमा अस्थमा का और एक अछि दावा है दालचीनी, इसका पाउडर रोज  सुबह आधे चम्मच खाली पेट गुड या सेहद मिलाके गरम पानी के साथ लेने से दमा अस्थमा ठीक कर देती है । 
@[139413866234816:274:Rajiv Dixit]


मित्रो, जिसको भी शरीर मे पथरी है वो चुना कभी ना खाएं ! (काफी लोग पान मे डाल कर खा जाते हैं )
क्योंकि पथरी होने का मुख्य कारण आपके शरीर मे अधिक मात्रा मे कैलशियम का होना है | मतलब जिनके शरीर मे पथरी हुई है उनके शरीर मे जरुरत से अधिक मात्रा मे कैलशियम है लेकिन वो शरीर मे पच नहीं रहा है वो अलग बात हे| इसलिए आप चुना खाना बंद कर दीजिए|
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पखानबेद (पत्थरचट्टा) नाम का एक पौधा होता है ! उसे पथरचट भी कुछ लोग बोलते है ! उसके पत्तों को पानी मे उबाल कर काढ़ा बना ले ! मात्र 7 से 15 दिन मे पूरी पथरी खत्म !! और कई बार तो इससे भी जल्दी खत्म हो जाती !!!




अब होमियोपेथी मे एक दवा है ! वो आपको किसी भी होमियोपेथी के दुकान पर मिलेगी उसका नाम हे BERBERIS VULGARIS ये दवा के आगे लिखना है MOTHER TINCHER ! ये उसकी पोटेंसी हे|
वो दुकान वाला समझ जायेगा| यह दवा होमियोपेथी की दुकान से ले आइये|

(ये BERBERIS VULGARIS दवा भी पथरचट नाम के पोधे से बनी है बस फर्क इतना है ये dilutions form मे हैं पथरचट पोधे का botanical name BERBERIS VULGARIS ही है )

अब इस दवा की 10-15 बूंदों को एक चौथाई (1/ 4) कप गुण गुने पानी मे मिलाकर दिन मे चार बार (सुबह,दोपहर,शाम और रात) लेना है | चार बार अधिक से अधिक और कमसे कम तीन बार|इसको लगातार एक से डेढ़ महीने तक लेना है कभी कभी दो महीने भी लग जाते है |

इससे जीतने भी stone है ,कही भी हो गोलब्लेडर gall bladder )मे हो या फिर किडनी मे हो,या युनिद्रा के आसपास हो,या फिर मुत्रपिंड मे हो| वो सभी स्टोन को पिगलाकर ये निकाल देता हे|

99% केस मे डेढ़ से दो महीने मे ही सब टूट कर निकाल देता हे कभी कभी हो सकता हे तीन महीने भी हो सकता हे लेना पड़े|तो आप दो महिने बाद सोनोग्राफी करवा लीजिए आपको पता चल जायेगा कितना टूट गया है कितना रह गया है | अगर रह गया हहै तो थोड़े दिन और ले लीजिए|यह दवा का साइड इफेक्ट नहीं है |

____________________
ये तो हुआ जब stone टूट के निकल गया अब दोबारा भविष्य मे यह ना बने उसके लिए क्या??? क्योंकि कई लोगो को बार बार पथरी होती है |एक बार stone टूट के निकल गया अब कभी दोबारा नहीं आना चाहिए इसके लिए क्या ???

इसके लिए एक और होमियोपेथी मे दवा है CHINA 1000|
प्रवाही स्वरुप की इस दवा के एक ही दिन सुबह-दोपहर-शाम मे दो-दो बूंद सीधे जीभ पर डाल दीजिए|सिर्फ एक ही दिन मे तीन बार ले लीजिए फिर भविष्य मे कभी भी स्टोन नहीं बनेगा|



Friday, 14 June 2013

उच्च रक्तचाप की बीमारी ठीक करने के लिए घर में उपलब्ध कुछ आयुर्वेदिक दबाईया है जो आप ले सकते है । जैसे एक बहुत अछि दावा आप के घर में है वो है दालचीनी जो मसाले के रूप में उपयोग होता है वो आप पत्थर में पिस कर पावडर बनाके आधा चम्मच रोज सुबह खाली पेट गरम पानी के साथ खाइए ; अगर थोडा खर्च कर सकते है तो दालचीनी को शहद के साथ लीजिये (आधा चम्मच शहद आधा चम्मच दालचीनी) गरम पानी के साथ, ये हाई BP के लिए बहुत अछि दावा है । और एक अछि दावा है जो आप ले सकते है पर दोनों में से कोई एक । दूसरी दावा है मेथी दाना, मेथी दाना आधा चम्मच लीजिये एक ग्लास गरम पानी में और रात को भिगो दीजिये, रात भर पड़ा रहने दीजिये पानी में और सुबह उठ कर पानी को पि लीजिये और मेथी दाने को चबा के खा लीजिये । ये बहुत जल्दी आपकी हाई BP कम कर देगा, देड से दो महीने में एकदम स्वाभाविक कर देगा ।

और एक तीसरी दावा है हाई BP के लिए वो है अर्जुन की छाल । अर्जुन एक वृक्ष होती है उसकी छाल को धुप में सुखा कर पत्थर में पिस के इसका पावडर बना लीजिये । आधा चम्मच पावडर, आधा ग्लास गरम पानी में मिलाकर उबाल ले, और खूब उबालने के बाद इसको चाय की तरह पि ले । ये हाई BP को ठीक करेगा, कोलेस्ट्रोल को ठीक करेगा, ट्राईग्लिसाराईड को ठीक करेगा, मोटापा कम करता है , हार्ट में अर्टेरिस में अगर कोई ब्लोकेज है तो वो ब्लोकेज को भी निकाल देता है ये अर्जुन की छाल । डॉक्टर अक्सर ये कहते है न की दिल कमजोर है आपका; अगर दिल कमजोर है तो आप जरुर अर्जुन की छाल लीजिये हरदिन , दिल बहुत मजबूत हो जायेगा आपका; आपका ESR ठीक होगा, ejection fraction भी ठीक हो जायेगा; बहुत अछि दावा है ये अर्जुन की छाल ।

और एक अछि दावा है हमारे घर में वो है लौकी का रस । एक कप लौकी का रस रोज पीना सबेरे खाली पेट नास्ता करने से एक घंटे पहले ; और इस लौकी की रस में पांच धनिया पत्ता, पांच पुदीना पत्ता, पांच तुलसी पत्ता मिलाके, तिन चार कलि मिर्च पिस के ये सब डाल के पीना .. ये बहुत अच्छा आपके BP ठीक करेगा और ये ह्रदय को भी बहुत व्यवस्थित कर देता है , कोलेस्ट्रोल को ठीक रखेगा, डाईबेटिस में भी काम आता है ।

और एक मुफ्त की दावा है , बेल पत्र की पत्ते - ये उच्च रक्तचाप में बहुत काम आते है । पांच बेल पत्र ले कर पत्थर में पिस कर उसकी चटनी बनाइये अब इस चटनी को एक ग्लास पानी में डाल कर खूब गरम कर लीजिये , इतना गरम करिए के पानी आधा हो जाये , फिर उसको ठंडा करके पि लीजिये । ये सबसे जल्दी उच्च रक्तचाप को ठीक करता है और ये बेलपत्र आपके सुगर को भी सामान्य कर देगा । जिनको उच्च रक्तचाप और सुगर दोनों है उनके लिए बेल पत्र सबसे अछि दावा है ।

और एक मुफ्त की दावा है हाई BP के लिए - देशी गाय की मूत्र पीये आधा कप रोज सुबह खाली पेट ये बहुत जल्दी हाई BP को ठीक कर देता है । और ये गोमूत्र बहुत अद्भूत है , ये हाई BP को भी ठीक करता है और लो BP को भी ठीक कर देता है - दोनों में काम आता है और येही गोमूत्र डाईबेटिस को भी ठीक कर देता है , Arthritis , Gout (गठिया) दोनों ठीक होते है । अगर आप गोमूत्र लगातार पि रहे है तो दमा भी ठीक होता है अस्थमा भी ठीक होता है, Tuberculosis भी ठीक हो जाती है । इसमें दो सावधानिया ध्यान रखने की है के गाय सुद्धरूप से देशी हो और वो गर्भावस्था में न हो ।

निम्न रक्तचाप की बीमारी के लिए दावा : निम्न रक्तचाप की बीमारी के लिए सबसे अछि दावा है गुड । ये गुड पानी में मिलाके, नमक डालके, नीबू का रस मिलाके पि लो । एक ग्लास पानी में 25 ग्राम गुड, थोडा नमक नीबू का रस मिलाके दिन में दो तिन बार पिने से लो BP सबसे जल्दी ठीक होगा ।

और एक अछि दावा है ..अगर आपके पास थोड़े पैसे है तो रोज अनार का रस पियो नमक डालकर इससे बहुत जल्दी लो BP ठीक हो जाती है , गन्ने का रस पीये नमक डालकर ये भी लो BP ठीक कर देता है, संतरे का रस नमक डाल के पियो ये भी लो BP ठीक कर देता है , अनन्नास का रस पीये नमक डाल कर ये भी लो BP ठीक कर देता है ।

लो BP के लिए और एक बढ़िया दावा है मिसरी और मखन मिलाके खाओ - ये लो BP की सबसे अछि दावा है ।

लो BP के लिए और एक बढ़िया दावा है दूध में घी मिलाके पियो , एक ग्लास देशी गाय का दूध और एक चम्मच देशी गाय की घी मिलाके रातको पिने से लो BP बहुत अछे से ठीक होगा ।

और एक अछि दावा है लो BP की और सबसे सस्ता भी वो है नमक का पानी पियो दिन में दो तिन बार , जो गरीब लोग है ये उनके लिए सबसे अच्छा है ।

आपने पूरी पोस्त्पादी इसके लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद !
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वन्देमातरम्
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