Tuesday, 7 May 2013
Monday, 6 May 2013
पुलिस है डंडा लेके घुमती है।
पुलिस है डंडा लेके घुमती है। आप किसी पुलिस ऑफिसर्स से पूछिए के डंडा क्यों है तुम्हारे हात में या किसी कांस्टेबल से पूछिए के तुम ये डंडा ठक ठक करके घूमते हो ... क्यों डंडा है तुम्हारे हात में ? किसी और अधिकारी के हात में आपने डंडा देखा है ? पुलिस की ही हात में डंडा क्यों? बड़ा ऑफिसर है तो छोटा रूल लेके चलेगा और छोटा अधिकारी है तो लम्बा सा डंडा लेके चलेगा। क्यों ?? कोई भेड़ बखरीओं को चराने जाना है क्या ? गाँव का कोई लकडहारा भेड़ बखरीओं को चराने जाता है तो डंडा लेके जाता है, तो भाई डंडे से भैंस को हांकता है बखरी को हांकता है तो ठीक है लेकिन तुम पुलिसवाले ये डंडा लेके क्यों ठक ठक करते हो ?
पुलिस मैन्युअल में ये लिखा हुआ है के हर पुलिस ऑफिसर को डंडा लेना ही पड़ेगा। 1860 का कानून है Indian Police Act , उस कानून में ये लिखा हुआ है के पुलिस जो है वो अंग्रेजो का है और डंडा जिस पर चलेगा वो भारतीय लोग है, तो अंग्रेजो की पुलिस के हर एक व्यक्ति के हात में डंडा होना चाहिए ताकि वो भारतीय लोगों को जब चाहे तब पिट सके। तो Indian Police Act के हिसाब से हर अंग्रेज पुलिस ऑफिसर को एक अधिकार दिया गया है जिसको अंग्रेजी में कहते है Right to Offence और भारतवासी जिसकी पिटाई हो रही है उसको कोई अधिकार नही है Right to Defense आपको अपने Defense करने का कोई अधिकार नही है। अगर पुलिस ऑफिसर ने डंडा चलाया और आपने उसका डंडा पकड़ लिया तो केस आपके ऊपर बनेगा नाकि ऑफिसर के ऊपर के आपने एक पुलिस ऑफिसर को उसकी ड्यूटी करने से रोका।
यह कानून 1860 का बनाया हुआ आज भी चल रहा है और पुरे देश में लाबू है, उसमे कहीं कोई बदलाव नही हुआ है।
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आ ज भारतीय लोकतंत्र में शासन व्यवस्था का राष्ट्रीय चरित्र
संकट की स्थिति में है |
अपने कुकर्त्यो को छुपाने के लिए सरकार बहाना बनाकर यह दर्शाती है की हम तो पिछली सरकार की नीतियों का अनुसरण कर रहे है | अबोध व भला बुरा न समझने वाले जनमानस को बरगलाया जाता है | जो की एक तरह की बौद्धिक बेईमानी है |
प्राचीन भारत में युधिष्ठर ने भीष्म पितामह से शासन तंत्र के बारे में एक प्रश्न किया, उसका उत्तर इस प्रकार है - " राजा विहीन राज्य वैसा होता है जैसे वनस्पति विहीन जंगल, जिसमे जल रहित नदी हो और रक्षक विहीन पशु
वृंद | इसलिए मनुष्य को पहले अपना राजा चुनना चहिये, फिर पत्नी, उसके बाद धन संचय करना चाहिए, क्योंकि बिना राजा के इस दुनिया में पत्नी और संम्पति की रक्षा भला कैसे संभव होगी " ?
इसके बड़े गहन गुडार्थ है - " अराजकता समाप्त कर सामाजिक व नैतिक व्यवस्था कायम करने के लिए शासन तंत्र का होना अति आवश्यक है जिसमे राजा मनसा, वाचा, कर्मणा से राष्ट्र रक्षा का दायित्व निभाए " |
इसलिए जब कभी भी वोट देने का अवसर आये तब हमारा प्रथम कर्तव्य है के राष्ट्र हित के लिए हि अपना वोट करे | वोट देते समय जाति व समुदाय से ऊपर उठकर राष्ट्र कर्तव्य के लिए वोट अवश्य डाले |
अपने कुकर्त्यो को छुपाने के लिए सरकार बहाना बनाकर यह दर्शाती है की हम तो पिछली सरकार की नीतियों का अनुसरण कर रहे है | अबोध व भला बुरा न समझने वाले जनमानस को बरगलाया जाता है | जो की एक तरह की बौद्धिक बेईमानी है |
प्राचीन भारत में युधिष्ठर ने भीष्म पितामह से शासन तंत्र के बारे में एक प्रश्न किया, उसका उत्तर इस प्रकार है - " राजा विहीन राज्य वैसा होता है जैसे वनस्पति विहीन जंगल, जिसमे जल रहित नदी हो और रक्षक विहीन पशु
वृंद | इसलिए मनुष्य को पहले अपना राजा चुनना चहिये, फिर पत्नी, उसके बाद धन संचय करना चाहिए, क्योंकि बिना राजा के इस दुनिया में पत्नी और संम्पति की रक्षा भला कैसे संभव होगी " ?
इसके बड़े गहन गुडार्थ है - " अराजकता समाप्त कर सामाजिक व नैतिक व्यवस्था कायम करने के लिए शासन तंत्र का होना अति आवश्यक है जिसमे राजा मनसा, वाचा, कर्मणा से राष्ट्र रक्षा का दायित्व निभाए " |
इसलिए जब कभी भी वोट देने का अवसर आये तब हमारा प्रथम कर्तव्य है के राष्ट्र हित के लिए हि अपना वोट करे | वोट देते समय जाति व समुदाय से ऊपर उठकर राष्ट्र कर्तव्य के लिए वोट अवश्य डाले |
आज मीडिया बड़ी धूमधाम से ये खबर
आज मीडिया बड़ी धूमधाम से ये खबर
दिखा रही है कि चीन की सेना पीछे जा रही है... लेकिन कितनी ये
कोई नहीं बता रहा है, नही कोई ये बता रहा है भारत
की सेना भी १५ किलोमीटर पीछे आ रहे है, लेकिन क्यों? जब चीन
१९ किलोमीटर भारत भूमि के अंदर अ चूका है और वहा से भारत
... की सेना १५ किलोमीटर पीछे जा रही है तो इसका सीधा-
सा अर्थ है कि भारत ने अपनी (१९+१५)कूल ३४ किलोमीटर
भूमि खो दी है| लेकिन इस वास्तविकता को बताने या समझाने के
स्थान पे ये मीडिया कांग्रेसीयों के गुणगा रही है और कह
रही है कि भारत की कूटनीति कामयाब रही| थू है
ऐसी कूटनीति पे, ऐसी सरकार पे …… सीधा सा प्रश्न है कि जब लद्दाख का दौलत बेग
ओल्डी (डीबीओ) भारत का सामरिक रूप से अत्यंत
ही महत्वपूर्ण एवं सवेंदनशील क्षेत्र है तो फिर क्यों भारत
की सेना वहा से वापस पीछे आ रही है? पूरा विश्व जनता है के
चीन की घुसपैठ का एक मात्र उदेश्य भारतीयसेना को दौलत बेग
ओल्डी (डीबीओ) से पीछे धकेलना था तो फिर किस आधार पे
सरकार अपनी छाती चौडी कर रही है और केह रही हैं कि चीन की सेना पीछे जा रही है…!!!!
शर्म करो …. शर्म करो…. थू है ऐसी कूटनीति पे, ऐसी सरकार पे …..
कृपया ज्यादा से ज्यादा लोगों को ये शेयर करे ..
कांग्रेस ने अफवाह उड़ाई है की चीन पीछे हट गया अब इसकी हकीकत जान ले .
दो देशों की सीमाओं के बिच एक क्षेत्र होता है "NO MANS LAND " जिसपर किसी का अधिकार नहीं होता अब चीन हमारे घर में घुस आया और उसके पीछे हटने की शर्त थी भारतीय सेना भी वहां से पीछे हटे. भारतीय सेना अपने ही घर में पीछे हट गयी और वो क्षेत्र जो हिन्दुस्थान का था वो अब NO MANS LAND बन चूका है ..
अब अनुमान लगा ले की हिन्दुस्थान का फायदा हुआ या नुकसान ..
दिखा रही है कि चीन की सेना पीछे जा रही है... लेकिन कितनी ये
कोई नहीं बता रहा है, नही कोई ये बता रहा है भारत
की सेना भी १५ किलोमीटर पीछे आ रहे है, लेकिन क्यों? जब चीन
१९ किलोमीटर भारत भूमि के अंदर अ चूका है और वहा से भारत
... की सेना १५ किलोमीटर पीछे जा रही है तो इसका सीधा-
सा अर्थ है कि भारत ने अपनी (१९+१५)कूल ३४ किलोमीटर
भूमि खो दी है| लेकिन इस वास्तविकता को बताने या समझाने के
स्थान पे ये मीडिया कांग्रेसीयों के गुणगा रही है और कह
रही है कि भारत की कूटनीति कामयाब रही| थू है
ऐसी कूटनीति पे, ऐसी सरकार पे …… सीधा सा प्रश्न है कि जब लद्दाख का दौलत बेग
ओल्डी (डीबीओ) भारत का सामरिक रूप से अत्यंत
ही महत्वपूर्ण एवं सवेंदनशील क्षेत्र है तो फिर क्यों भारत
की सेना वहा से वापस पीछे आ रही है? पूरा विश्व जनता है के
चीन की घुसपैठ का एक मात्र उदेश्य भारतीयसेना को दौलत बेग
ओल्डी (डीबीओ) से पीछे धकेलना था तो फिर किस आधार पे
सरकार अपनी छाती चौडी कर रही है और केह रही हैं कि चीन की सेना पीछे जा रही है…!!!!
शर्म करो …. शर्म करो…. थू है ऐसी कूटनीति पे, ऐसी सरकार पे …..
कृपया ज्यादा से ज्यादा लोगों को ये शेयर करे ..
कांग्रेस ने अफवाह उड़ाई है की चीन पीछे हट गया अब इसकी हकीकत जान ले .
दो देशों की सीमाओं के बिच एक क्षेत्र होता है "NO MANS LAND " जिसपर किसी का अधिकार नहीं होता अब चीन हमारे घर में घुस आया और उसके पीछे हटने की शर्त थी भारतीय सेना भी वहां से पीछे हटे. भारतीय सेना अपने ही घर में पीछे हट गयी और वो क्षेत्र जो हिन्दुस्थान का था वो अब NO MANS LAND बन चूका है ..
अब अनुमान लगा ले की हिन्दुस्थान का फायदा हुआ या नुकसान ..
Heart Touching....... ....
Kadam ruk gaye jab
pahuche hum bazaar me,
Bik rahe the rishte, khule
aam vyapar me.
Kampte Kampte pucha,
kya bhav hai Rishton ka?
Dukandar bola: Kaunsa
loge? Bete ka du, Ya Baap
ka? Bahen ka
Ya bhai ka?
Kaunsa loge? Insaniyat
ka du, ya Pyar ka? Dosti
ka Ya Vishwas ka?
Babuji, kya Du..Bolo to
sahi..C hupchaap khade
ho, mu kholo to
sahi.
*Maine dar ke pucha:'Maa'
ka rishta ?
Dukandar Nam aakhon se
bola: Sansaar
Issi rishte par to tika hai
babu ji. Maaf
karna; Ye Rishta Bikne ko
nahi. Iska koi
mol nahi laga payega, Ye
bik gaya.. to sansaar
ujjad jayega.
Kadam ruk gaye jab
pahuche hum bazaar me,
Bik rahe the rishte, khule
aam vyapar me.
Kampte Kampte pucha,
kya bhav hai Rishton ka?
Dukandar bola: Kaunsa
loge? Bete ka du, Ya Baap
ka? Bahen ka
Ya bhai ka?
Kaunsa loge? Insaniyat
ka du, ya Pyar ka? Dosti
ka Ya Vishwas ka?
Babuji, kya Du..Bolo to
sahi..C hupchaap khade
ho, mu kholo to
sahi.
*Maine dar ke pucha:'Maa'
ka rishta ?
Dukandar Nam aakhon se
bola: Sansaar
Issi rishte par to tika hai
babu ji. Maaf
karna; Ye Rishta Bikne ko
nahi. Iska koi
mol nahi laga payega, Ye
bik gaya.. to sansaar
ujjad jayega.
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